नौवीं के छात्र ने कई छात्रों के अपहरण की सुनाई झूठी कहानी
पंतनगर – थाने पुलिस आज सुबह से लेकर देर साय तक एक घटना की जाच के लिए इधर से उधर भागती रही। इतना ही नही घटना की संदिग्धता को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी को मैदान में उतरना पड़ा। जब पुलिस टीम ने घटना क्षेत्र के क़ई सीसीटीवी फुटेज खगाले तो तब सामने आई हकीकत।
    आज  सुबह 11 बजे थाना पन्तनगर पुलिस को मस्जिद कालोनी निवासी एक युवक ने सूचना दी कि उसका पुत्र पंतनगर इंटर कालेज में नौवीं का छात्र है। जिसका कालेज के पास से ही मारूति वैन में अपहरण करने का प्रयास किया गया। कार में पहले से आधा दर्जन से अर्ध मूर्क्षित बच्चे मौजूद थे। मेरा बच्चा जैसे तैसे अपने आप को छुड़ाने में कामयाब रहा, उसने घर पहुंचकर मुझे इस संबंध में सूचना दी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने छात्र के बयान लिए और उसके बताए अनुसार जांच पड़ताल करनी शुरू की। उच्चाधिकारियों को सूचना देकर पुलिस टीम दिनभर विवि, एयरपोर्ट और अन्य स्थानों पर पूछताछ सहित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालती रही, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। दोपहर बाद सीओ पंतनगर आशीष भारद्वाज भी मौके पर पहुचे और छात्र से जानकारी ली। छात्र के अनुसार वह सुबह आठ बजे कालेज जा रहा था, तभी इंटर कालेज पुलिया के पास मारूति वैन रूकी जिसमें बैठे लोगों ने मुझे वैन में घसीट लिया और कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया। वैन में पहले से छह-सात बच्चे मूर्क्षित अवस्था में मौजूद थे। वैन जीजीआईसी के पास पहुंचकर रूकी, तो मैं मौका देखकर भाग निकला और तीस रूपए देकर ई रिक्शा से घर पहुंचा। दरअसल मस्जिद कालोनी निवासी नौवीं का छात्र सुबह 8 बजे स्कूल को निकला था। 11 बजे वह पड़ोसी के घर पहुंच कर सो गया। जब पड़ोसी ने उसे उठाया तो वह नशे की हालत में था। जिसके बाद उसने परिजनों को बुलाकर छात्र को उनके सुपुर्द कर दिया। जिसके बाद छात्र द्वारा पूरी कहानी बताई गई।
सीओ आशीष भरद्वाज ने बताया कि छात्र द्वारा बताई गई अपहरण की कहानी संदिग्ध लग रही थी। मौके पर पहुच कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो किसी भी कैमरे में उस तरह का वाहन नही पाया गया। ईसके अलावा शाम तक जनपद के सभी थानों से बच्चों की मिसिंग रिपोर्ट की जानकारी ली गयी। लेकिन जनपद व आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह की मिसिंग नही पायी गयी। छात्र से काफी पूछताछ और क्रॉस चेक करने के बाद भी जब कुछ हाथ नहीं लगा तो शाम को उसे घर भेज दिया गया है।
यह भी पढ़ें :  10 सालों से फर्जी दस्तावेज के आधार पर कर रहे थे नौकरी, ऐसे आये पकड़ में, हुए निलंबित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here