देहरादून – सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अक्सर पहाड़ी व्यंजनों का लुफ्त उठाते हुए आप ने क़ई बार देखा होगा। अक्सर हिमालय के उचे स्थानों में पाए जाने वाले फलों की पार्टी करते देखा होगा। लेकिन इस बार उन्होंने पहाड़ी खीरे के बने रायते का लुफ्त उठाते हुए सोशल मीडिया में एक वीडियो अपलोड किया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत एक वीडियो के माध्यम से पहाड़ी खीरे के बारे में जानकारी दे रहे है। उन्होंने लिखा है कि ये #उत्तराखंड के हिमालयी/ग्रामीण अंचलों में पैदा होने वाली #ककड़ी है, जून के महीने से लेकर के, कभी-कभी मई के आखिर से बाजार में आनी प्रारंभ होती है और नवंबर-दिसंबर तक प्रचलन में रहती है। जब यह पूरी तरीके से हरी होती है तो इसको नमक के साथ खाने का स्वाद ही कुछ और होता है। जब यह जरा सा पीली होने लगती है तो फिर इसका #रायता बनता है जो मेरे हाथ में है, जिसका मैं स्वाद ले चुका हूंँ। इसी ककड़ी के आधे हिस्से का यह रायता बना हुआ है। इस ककड़ी के अंदर जो दाने (बीज) दिखाई दे रहे हैं, वो दाने भी बहुत स्वादिष्ट, बहुत ही सुपाच्य और साथ ही साथ पौष्टिक होते हैं, इसमें जो अंदर पानी निकलता है वह पानी पेट के कई रोगों के लिए जिसमें #लीवर की मार फंक्शनिंग भी सम्मिलित है उसके इलाज में काम आता है। आपका ज्वाइंडिस बिगड़ गया हो तो आप ककड़ी के पानी को लगातार पीजिए तो उसे जो ज्वाइंडिस का विषैलापन कम हो जाता है और रिकवरी में बड़ी मदद मिलती है।

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