देहरादून – उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों दो नेता सोशल नेटवर्किंग में धुंआधार बलेबाजी कर रहे है। दोनों ही एक दूसरे पर पहाड़ी मुहावरों की बौछार कर आरोप लगा रहे है। कभी एक नेता दूसरे नेता पहाड़ी मुहावरे दाग कर अपनी बात रख रहा है तो जवाब में सामने से भी पहाड़ी मुहावरों से सुरुआत की जा रही है। जी हा हम बात कर रहे है पूर्व सीएम हरीश रावत व महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या की। दोनों ही नेता एक दूसरे को नीचा दिखाने में कोई कोरकसर नही छोड़ रहे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पोस्ट उज़्याड़ू बल्द और बकरियाँ पर मंत्री रेखा आर्या ने भी जवाब में बहुत कुछ लिखा है। उन्होंने पहाड़ी मुहावरा मूनठेपी, मारखूली बल्द” से हरीश रावत को करार जवाब देते हुए कहा कि
अबकी दाज्यू बोले खेल खेला होवे दाज्यू होवे तो जरूर लेकिन पहले अपनी #पार्टी से करो अभी तो आपकी पहली लड़ाई अपनी पार्टी से है अपना चेहरा बनाने की अब तक आप स्वयंभू मुख्यमंत्री चेहरा जो ठैरे ।दाज्यू उज़्याड़ू बल्द और बकरियाँ तो एक बार #आवाज से वापस भी आ जाते हैं लेकिन हमारे वहां एक और #खतरनाक बल्द होता है जिसे कहते हैं “मारखूली / मुनठेपी बल्द” ये बल्द अपने आसपास किसी को फटकने नहीं देता और हमेशा खुद का ही पेट भरने में रहता है जिस की प्रवृत्ति से हार कर सभी उसके इर्द-गिर्द से दूर हो जाते हैं,और अंत में वह अकेला ही रह जाता है।
वही स्थिति अब आपकी भी हो रही है क्या करें दाज्यू आपकी आदत तो रही है *सबको परेशान करो राज करो* उसी की परिणित रही है कि आप आज अकेले ही चलने को मजबूर हो। दाज्यू आपने एक बात और कही कि जब-जब उत्तराखंडियत पर चोट होगी आप शमशान से भी आकर खड़े हो जाओगे, अब जब उत्तराखंडियत की नही #मुख्यमंत्री पद की बात होती है तब-तब आप जवान हो जाते हो और जब-जब आप जवान होने की कोशिश करते हो तब-तब आप की पार्टी के ही नेता जो आपके टॉप 10 के खास थे वह कह देते हैं कि अब कांपते हाथ सत्ता नहीं संभाल सकते,दाज्यू ये आपकी पार्टी के लोग आपका ऐसा उपहास करते है जिससे हमें भी तकलीफ होती है। दाज्यू बुढ़ापे में आप ऐसी हरकत करते ही क्यों हो? आप मुख्यमंत्री बनने के लिए भाजपा के नेताओं को *उज्याड़ू बल्द* जैसे किन-किन शब्दो से सम्बोधित पर देते हो लेकिन आपकी पार्टी के नेताओ के लिए भी कोई शब्द ढूंढो तो अच्छा लगेगा लेकिन आप नहीं कहोगे क्योंकि आप उनसे डरते हो,कहीं उन्होंने पुराना हिसाब-किताब व बंदर ,सूअरों वाले राज खोल दिए फिर तो बुढ़ापा और भी खराब होना तय है। और दाज्यू आज आप #उत्तराखंडियत, महिलाओं,नौजवानों की बात कर रहे हो लेकिन जिस दिन रामपुर तिराहा,मंसूरी, खटीमा जैसे शर्मनाक गोली कांड हुए उस दिन आपके भीतर का उत्तराखंडियत क्यों अवतरित नहीं हुआ होगा यह प्रश्न हमेशा चिंताजनक है? दाज्यू यह बुढ़ापा है कि जिद छोड़ता नहीं और इसलिए आप बोलना नहीं छोड़ पा रहे, मैं आपको कई बार एक शुभचिंतक होने के नाते राय दे चुकी हूं कि अब आराम करो फेसबुक में नेता ज्यादा दिन तक चर्चित नहीं होता आप लिखते हो तो हमें भी लिखना पड़ता है। अब आपके पास कुछ काम है नहीं, जनता आप को #सेवानिवृत्त कर चुकी है। और हमारी पार्टी को जनता लगातार प्रदेश नहीं देश में भी सेवा का अवसर दे रही है तो हमें जनता की चिंता करनी है। उन्होंने लास्ट में लिखा है कि डेनिस अब सिर्फ आपकी यादों में रह गई क्योंकि ना तो कांग्रेस की सरकार आएगी और ना ही आप मुख्यमंत्री बनेंगे और ना ही आपकी डेनिस वापसी आएगी। उन्होंने कहा कि इस बार भी भाजपा 60 से अधिक लेकर सत्ता में आएगी। इस लिए आप चेन से रो।
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