देहरादून – 7 फरवरी को चमोली जनपद के रैनी क्षेत्र में आई आपदा को लेकर आज कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। इससे पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आपदा क्षेत्र का जायजा लेते हुए स्थानीय लोगो से मुलाकात भी की थी। आज उनके द्वारा आपदा को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपते हुए अपने सुझाव भी सरकार को दिए। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ओर पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह रावत मौजूद रहे। मुख्यमंत्री को सौपे ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी द्वारा 6 बिंदुओं में सुझाव सौपे है। ज्ञापन में कहा गया है कि सीमांत क्षेत्र में निर्मित या निर्माणाधीन समस्त जल विद्युत परियोजनाओं का वर्तमान श्रेणी तपोवन आपदा के आलोक में पर्यावरणीय एवं तकनीकी आधार पर सुरक्षा ऑडिट कराई जाए। जलवायु परिवर्तन की स्थिति के कारण ग्लेशियर के व्यवहार में आ रहे परिवर्तन का अध्ययन और विश्लेषण कराने के लिए सभी वैज्ञानिक संस्थानों की एक समिति बनाई जाए जो राज्य सरकार को समय-समय पर इस संदर्भ में सूचना व सलाह देती रहे। भविष्य में ऐसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार के पास सभी जलविद्युत परियोजनाओं का सेफ्टी प्लान उपलब्ध रहना चाहिए ताकि आकस्मिक स्थिति में राज्य सरकार की सुरक्षा एजेंसी आवश्यक बचाव कार्य कर सकें जिसका वर्तमान त्रासदी में पूर्णता अभाव दिखाई दिया। रैणी और मुनस्यारी के धापा जैसे गांव तत्काल विस्थापन मांग रही है इस संदर्भ में राज्य सरकार द्वारा पूर्व में चिह्नित अति संवेदनशील गांवों के विस्थापन हेतु केंद्र सरकार को राज्य की ओर से सर्व पक्षी ज्ञापन प्रस्तुत किया जाए। वर्तमान जलवायु परिवर्तन तथा विस्थापन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सर्वदलीय समिति आधारित सुझावों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर इस बड़ी समस्या के लिए एक वृहद कार्ययोजना बनाने का अनुरोध किया जाए इसके अलावा एनटीपीसी द्वारा मृतकों के आश्रितों को नौकरी दी जाए तथा प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए धनराशि दी जाए।

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